उजियारा musical

उजियारा

music script

(नाटककार एलेक्स ब्रॉउन के first fireworks पर आधारित)          हिंदी अनुवाद एवं रूपांतरण अनन्त गौड़





[Chorus: अम्मा पुछ दी start]

शानवी: [song1] 
           बैठी हैं यहाँ, है कुछ भी अंदाज़ा;
           सब कितने परेशान हैं।
           वहाँ पापाजी ने पूरा अस्पताल, सिर पर उठा रखा है;
          -अम्मा जी घर चलिए.... उठिये घर चलिए... ]×2 (catch)
           [Chorus: ता रा रा /rythm]

सीमा: उन्हें कुछ नहीं होगा, वो ठीक हो जाएंगे।

शानवी: हाँ हाँ बहुत अच्छे, आप को तो जैसे,
           सब कुछ पता ही है ना;
           सब हैं हैरान, हैं कितने परेशान,
           बता कर तो भागना था।

सीमा: (off) ऐ बता कर भागने में क्या मज़ा?

शानवी: ऐसे करने में कोई सलीक़ा नहीं,
           ऐसे आने का कोई तरीका नहीं।

सीमा: (off) माँ मत बन मेरी।

शानवी: अम्मा जी घर.. सा रा रा रा(rythm), उठिये घर.. सा रा रा रा(rythm);
           अम्मा जी घर चलिए... उठिये घर चलिये] -(chorus/catch)

सीमा: रुक जा पाँच मिनट, मैं ये देख चलूँ;
         उस से पहले यहाँ से, ज़रा ना हिलूँ।

शानवी: तो फिर पाँच मिनट में ही चलिये।

[Band Chorus: ता रा रा रा]/ Dance.

शानवी: [song 2/ default]
           कितनी अच्छी जगह है अम्मा, हैं कितने सारे तारे बेशुमार;
           फिर भी जाने क्यों..... (Off) कोई आता क्यों नहीं  यहाँ?

सीमा: क्योंकि वो जो जाली टूटी है, वहाँ से है ईक छोटा रास्ता;
         जिसकी ना ख़बर, छोटी सी डगर;
         जिसका ना किसी को है पता।
   
शानवी: सच ही कह रही हो तुम अम्मा, दे दिए हैं पैरों ने जवाब;
           है ख़ुदा का घर, है इतना ये ऊपर 
           तो आप कैसे आ गई यहां???

सीमा: (off) पता नहीं

शानवी: (off) पता नहीं मतलब?

सीमा: (off) पता नहीं मतलब नहीं पता।

शानवी:(off) अरे पता कैसे नहीं, बताओ।
 
सीमा: (off) अरे भई कह दिया जब नहीं पता, आ गयी बस।

शानवी: (off) ठीक है मत बताओ।

[कुछ देर रुककर]

सीमा: (default) तुझको कैसे पता मैं यहाँ??

शानवी: (off) मुझे कैसे पता.... वो (आभास होने पर रुक जाती है), नहीं कुछ नहीं।

सीमा: (off) अरे बोल

शानवी: (off) न

सीमा: (off) अरे बता दे, बोल। ऐ बता दे...

शानवी: (off)न

सीमा: (off) नहीं बताएगी?

शानवी: (off) न

सीमा: (off) सोच ले, पक्का नहीं बताएगी?

[शानवी ख़ामोश रहती है।]

सीमा: (off) जा मत बता। (कुछ देर रुककर, खांसने का ढोंग करती है।)

शानवी: (off) (सम्भालते हुए) अरे, अम्मा... आराम से आराम से, सांस लो।

सीमा: (off) (खांसते हुए) पहले बता?

शानवी: (default) सब जगह तो देख आई मैं;
                           आपका मिला नहीं पता (off) था आप यहीं मिलेंगी।

सीमा: हम्म... मेरी कुर्सी, मेरा नज़ारा 
(Melody song 3) और मेरा बच्चा।
 
शानवी: अच्छा अम्मा... 
(Melody/song 3) क्या आपको है याद ?? मम्म.. जब पहली पहली बार, मुझको यहॉँ लाईं थीं??
[Song 3]
क्या आपको है याद, जब पहली पहली बार;
मुझको यहाँ लाईं थीं।
चाँदनी थी रात, और मैं थी शायद आठ!
याद है ना अम्मा...

सीमा: हाँ हाँ बिल्कुल 

शानवी: सांझ ढल रही थी, लम्बा रास्ता;
           आख़िरी पचास सीढ़िया....
           आपने मुझे फिर, कांधे पे उठाया;
           और आ गए हम यहाँ।
              
                                           ज़िद थी मेरी, के लेकर के मुझको;
                                           आप ये कहाँ को चलीं।
                                           अपने कहा फिर, है ऐसा इक नज़ारा
                                           जो देखा ना होगा कहीं।

सीमा: (off) तुझे सब याद है?

शानवी: याद है....
           याद है....
           याद है.. मुझको सभी।

अंधेरा छा रहा था, आपने कहा फिर;
आँख मूंद 10 तक गिनो...
एक दो तीन चार पांच, six seven eight nine

सीमा: (off) ten. (हँसते हुए पटाख़ों की आवाज़ निकालती है) भूम बूम बढाम..

शानवी: लाल ग़ुलाबी नीला पीला हरा, रौशनी से आसमाँ भरा;
           पटाख़ों का शोर, मैं भागी आपकी ओर;
           और झट से गले लगा लिया....
[Rhythm chorus] ला ला ला.. ला ला ला )×2

सीमा: (off) ऐसा नज़ारा भुलाए नहीं भूलते, और खासतौर पर पहली दफ़ा। (ख़ामोशी) कितना समय बीत गया ना?

शानवी: (off) पांच साल, शादी के बाद एक बार भी, (rhythm) आए कहाँ।

सीमा: हम्म.. पांच साल।

शानवी: अच्छा.. (default rhythm) आप और पापाजी यहाँ, 
                                                    पहली बार आए थे, कभी?

सीमा: नहीं......
         कभी नहीं।

शानवी: ओह अच्छा, लेकिन ऐसे कैसे?

सीमा: क्योंकि ये तो मेरी जगह है...

शानवी: पर मुझको तो ले आए हो यहाँ?

सीमा: (song  rhythm) क्योंकि तुम... तो मैं ही हूँ।

पहली बार जब, हम आए थे यहाँ;
दो नहीं हम एक जान थे।

शानवी: आपको क्या अब भी, ऐसा ही है लगता;
           दो नहीं हम एक जान हैं?

सीमा: (off) तुझको क्या लगता है?

[शानवी अंदाज़ा ना होने का इशारा करती है। फिर कुछ देर की ख़ामोशी।]

सीमा: [song 4]
         कभी.....
         कुछ एक चीज़ें
         होतीं.....
         हैं ज़िन्दगी में;
         जिन्हें सिर्फ़ अपने, तक ही रखना चाहें;
         जाने दें कहीं ना और भी।
         कभी.... कभी....
अंतरा-
                             इसका मतलब ये भी नहीं,
                             तेरे पापाजी से प्यार नहीं,
                             पर ये एक चीज़ है मेरी,
                             जहाँ पर हूँ मैं।
                             मैं ही...
बाक़ी चालीस साल तो, यूँ ही हैं बिता दिए;
पापाजी जी के साथ तेरे ही।

शानवी: कभी.... कभी....
Musical chorus

शानवी: [song 5]
           कितनी देर हो गयी है देखो अम्मा।
इनको बिन बताए आ गयी मैं यहाँ।

सीमा: वो तो मुझको लगता है जलकुकड़ा

शानवी: कौन पापा?

सीमा: नहीं, तेरा खाविंद मरा।
         नाम क्या है, क्या है नाम;
         याद दिला?

शानवी: नाटक कर रही हो,
           आपको सब है पता।

सीमा: गपन८८८८

शानवी: म्महम्म... (ना में गाते हुए)

सीमा: गलेश८८८८

शानवी: म्महम्म... 
           गिरीश८८८८

सीमा: (off) हाँ हाँ ग्रीस।
          जाने कैसा नाम है, पके फोड़े सा?
          इससे तो अच्छा था, वो जो पहले आया था।
         बातें किया करता था, बड़े चाव से...

शानवी: आप ही के पीछे था वो शायद पड़ा।

सीमा: अरे८८८८ कहाँ।

शानवी: जी हाँ८८८८ अम्मा।

सीमा: उस बेचारे से हूँ मैं तो दो गुना बड़ी।

शानवी: (song 1 extension)
           लेट हो गए हैं हम;
           आपको मेरी कसम;
           अब तो अम्मा साथ घर, चलिये८८८८८
[Chorus: ता रा रा / dance music section]

सीमा: (off) (गुस्से से तिलमिला कर) अरे मुझे नहीं जाना वहाँ ,उस सड़े से कमरे में, उन सड़े से लोगों के पास। चौबीस घंटे मुझे परेशान करते रहेंगे। अम्मा ये ये खा लो, अम्मा दवाई ले लो। अम्मा ये वो, नहीं जाउंगी मैं वहाँ नहीं जाउंगी... 

[शानवी नाराज़ होकर दूर खड़ी हो जाती है। सीमा ये देखकर उसे मनाने की कोशिश करती है।]

सीमा: [song 6]
         ओ बढ़िया८८८ सूट है, ये जो तूने पहना८८
         
         ओ बढ़िया सूट है, ये जो तूने पहना;
              बढ़िया सूट है, है जो तूने पहना;
              कहाँ से लेकर आई है;
              ये तो कहना?? 
(आलाप)
              कहाँ से लेकर आई है, ये तो कहना...

शानवी: था मेरे जनम दिन का वो मौका;
            आपका ही ग्रीस लाया ये तोहफ़ा;
            तोहफ़ा तोहफ़ा८८
            चलो किसी काम तो;
            आये हैं जनाब;
(आलाप)
            चलो किसी काम तो, आये हैं जनाब...

सीमा: सूट है तेरा, ठीक से ही;
         नज़र आता है कुछ और भी
         ओओ ओ हो हो
        के तेरा खाविंद बड़ा चु... होशियार
(आलाप)
        के ये तेरा खाविंद बड़ा होशियार।

अंतरा- पता था ये भी मुझको, के तू, ढूंढ लेगी शानो।
           खोज लेगी तू, तेरी अम्मा है कहाँ८८८
                    साथ में मिल के, पीस लेंगें, ग़म की हम मिर्चईयाँ।
                    बैठ जाएंगे, यादों को मांझने८८८

शानवी: बात तो ठीक आपकी, अम्मा।
           बात तो ठीक आपकी, अम्मा।
           अम्मा अम्मा...
           पापाजी होते तो;
           आता और मज़ा
(आलाप)
           पापाजी होते तो, आता और म...

सीमा: (off) बंद करो ये सब, हटो। बंद करो... (default) ये म्यूजिक व्यूसिक सारा बंद करो।
(Off) हटाओ ये सब, पापाजी पापाजी। सारी उमर निकाल दी मैंने, 40 साल बीवी बनके। 30 साल माँ बनके। फिर भी हमेशा पापाजी पापाजी। अब बस कुछ देर खुद में जीना चाहती हूँ। पर माँ की तो कोई क़दर ही नहीं है ना? पापाजी पापाजी, जा अपने पापाजी के पास। बड़ी आई पापाजी की लाडली।

शानवी: (off) अम्मा...

सीमा: (off) हाँ क्या??

शानवी: (off) कुछ नहीं।

[कुछ देर की ख़ामोशी।]

सीमा: (off) अच्छा सुन, एक राज़ की बात बताऊं तुझे। इधर आ।

[सीमा शानवी के कान में कुछ कहती है।]

शानवी: क्या??

सीमा: [song 7]
         उरुन तारा उरुन तारा उरुन तारा हो... उरुन तारा ] ×2
 
         तू ना आई थी दुनिया में शानो जभी;
         मुझको चाहत थी गुड्डे की, गुड़िया नही;
        
         तू जो आई तो तू ही लगी लाडली;
         शुक्र है रब का की, हमको तू जो मिली; 
                   तेरे आने से बिटिया हुआ८८८
                   उजियारा
                   तेरे आने से बिटिया हुआ८८८
                   उजियारा

शानवी: उरुन तारा उरुन तारा उरुन तारा हो... उरुन तारा ] ×2

सीमा: इसको भी लेकर तू आना यहाँ;
         हमारी सुनाना, सभी कहानियाँ।
         कर ना वादा।
 
शानवी: हम्म..

सीमा: (off) ऐसे नहीं मुँह से बोल
         कर ना वादा।

         होने वाली थी, जब तू मुझे;
         हमको लगा, तुझको खो ही दिया।
         हम दोनों ही कुछ परेशान थे..
         हमने तो जाने ना क्या कुछ किया।
                    आधी रात को मैं, जब दर्द से उठी;
                    बिस्तर में ख़ून मिला।
                    अस्पताल ले गए, तेरे पापा मुझे;
                    बचना था मुश्किल तेरा।
        (Off) तेरा वज़न बहुत ज़्यादा था ना...

शानवी: (off) अम्मा....

सीमा: तेरे आने से बिटिया हुआ८८८८

Chorus:  उरुन तारा उरुन तारा उरुन तारा हो... उरुन तारा ] ×2
               (Sad आलाप)

सीमा: होते पापाजी ना तेरे, हम भी होते ना....
          सिरहाने वो बैठे रहे, सारी सारी रात।
 
जुगलबंदी-

शानवी: रात८८८ 
सीमा: रात देखी ना और ना दिन देखा।
शानवी: प्यार८८८
सीमा: उनका ही वजह सी बन बैठा।
शानवी: हाथ८८८
सीमा: मेरे हाथों में रहा उनका।
शानवी: साथ८८८
सीमा: उनके ना था कोई दूजा।
       
         टूट के मानों बिखर जाते वो।
         बस हम ही थे उनके जीने की डोर।

Chorus: उरुन तारा उरुन तारा उरुन तारा हो... उरुन तारा ] ×2

सीमा: (off) कुछ गलतियां हो गयी इस ज़िंदगी में, जिन्हें सोचकर दिल थोड़ा दुःखता है पर, मैं बहुत अच्छी ज़िंदगी जी हूँ। अब बस मैं  चैन से जाना चाहती हूँ।

शानवी: आपकी बहुत याद आएगी अम्मा... आपको मेरी वजह से कितनी तकलीफ़ हुई ना, मुझे माफ़ कर दीजिए।

सीमा: (song 4 melody) तकलीफ़ कैसी बच्चे; इसमें भी तो सुख़ है बेटा;
                                       तुमसे और अच्छा तोहफ़ा, मुझे और मिलता ही क्या...
                                       इससे अच्छी ज़िंदगी, और क्या मैं मांगती, तू मिले और तेरे पापाजी।

[सीमा शानवी की गोद में सिर रख कर केट जाती है।]

सीमा: (off) बेटा, अपने काम में कभी इतनी भी मत बिज़ी हो जाना कि एक अच्छी माँ बन सको।

शानवी: जी

सीमा: और इसको एक आत्मनिर्भर और बहादुर औरत बनाना। 

शानवी: जी अम्मा..

सीमा: और तेरे ग्रीस को तो भूत बन कर डराउंगी मैं।

शानवी: हाँ हाँ, ठीक है अम्मा...
 
सीमा: ये शुरू ही जाए तो मुझे उठा देना।

[शानवी लोरी गाती है। कुछ देर बाद आतिशबाज़ी शुरू होती है। शानवी सीमा को उठाती है पर वो नहीं उठती। वो उदास होकर फिर लोरी गाती है।]

[Chorus: अम्मा पुछ दी end]

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